17 फरवरी से इन राज्यों में तेज बारिश और ठंडी हवाओं का अलर्ट जारी, जानें पूरा पूर्वानुमान Weather Update 2026

By Vishwaja V

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Weather Update 2026

Weather Update 2026: देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। फरवरी का महीना आधा बीतते-बीतते ठंड और गर्मी के बीच का संतुलन बदलने लगा है। अभी उत्तर-पश्चिम से आ रही शुष्क हवाओं के कारण सुबह-शाम हल्की ठंडक महसूस हो रही है, जबकि दोपहर में धूप तेज़ और चुभन भरी हो गई है। मगर यह स्थिति ज्यादा दिनों तक स्थिर रहने वाली नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार 17 फरवरी के आसपास एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा, जो उत्तर भारत के साथ-साथ मध्य और दक्षिणी हिस्सों पर भी असर डालेगा।

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महाशिवरात्रि पर कैसा रहेगा मौसम

15 फरवरी को महाशिवरात्रि का पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया जाएगा। इस दिन मौसम आमतौर पर साफ और शुष्क रहने की संभावना है। अधिकांश राज्यों में आसमान खुला रहेगा, जिससे मंदिरों में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं को किसी विशेष मौसम बाधा का सामना नहीं करना पड़ेगा। उत्तर भारत के मैदानी क्षेत्रों में हल्की ठंडक के साथ धूप खिली रहेगी। केवल पूर्वोत्तर भारत के ऊंचाई वाले इलाकों, विशेषकर अरुणाचल प्रदेश के पर्वतीय भागों में हल्की फुहारें पड़ सकती हैं। इसके अतिरिक्त देश के बाकी हिस्सों में मौसम स्थिर और सामान्य रहने का अनुमान है।

17 फरवरी से पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव

असल बदलाव 17 फरवरी से देखने को मिलेगा। एक नया पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्रों में प्रवेश करेगा, जिससे जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के ऊंचाई वाले भागों में हल्की बर्फबारी और वर्षा शुरू हो सकती है। पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान में गिरावट दर्ज होगी और पहाड़ों पर ताज़ी बर्फ की परत जमने की संभावना है। इसका असर मैदानी इलाकों तक भी पहुंचेगा। इस विक्षोभ के प्रभाव से राजस्थान और उससे सटे क्षेत्रों में एक प्रेरित चक्रवाती परिसंचरण बनने की संभावना है। यह प्रणाली 18 फरवरी के आसपास सक्रिय होगी और मौसम की गतिविधियों को बढ़ाएगी। परिणामस्वरूप राजस्थान के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश के संकेत मिल रहे हैं।

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राजस्थान में हल्की बारिश की संभावना

18 और 19 फरवरी को राजस्थान के जयपुर, अजमेर, सीकर, अलवर और भरतपुर जैसे इलाकों में हल्की वर्षा होने की संभावना जताई गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार तेज आंधी या ओलावृष्टि के आसार बेहद कम हैं, जिससे किसानों को राहत मिल सकती है। गेहूं और सरसों की फसल के लिए हल्की बारिश फायदेमंद साबित हो सकती है, बशर्ते बारिश संतुलित मात्रा में हो।

हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश पर असर

राजस्थान से सटे हरियाणा के कुछ जिलों जैसे गुरुग्राम, फरीदाबाद और रोहतक में भी बादलों की आवाजाही बढ़ सकती है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में 18-19 फरवरी के दौरान आसमान में बादल छाए रहने और हल्की बूंदाबांदी की संभावना है। उत्तर प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों—आगरा, मथुरा, झांसी, कानपुर और प्रयागराज—में भी छिटपुट बारिश हो सकती है। इससे दिन के तापमान में हल्की गिरावट दर्ज की जा सकती है और मौसम सुहावना हो जाएगा।

मध्य प्रदेश में भी दिखेगा असर

मध्य प्रदेश के उत्तरी और पूर्वी भागों में भी इस प्रणाली का प्रभाव देखा जा सकता है। ग्वालियर और चंबल संभाग के साथ-साथ सागर और रीवा जिलों में हल्की वर्षा के आसार हैं। हालांकि राज्य के अन्य हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क बना रह सकता है। हल्की बारिश से फसलों को नमी मिलेगी, जो रबी की खेती के लिए लाभदायक हो सकती है।

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पूर्वी भारत में रहेगा शुष्क मौसम

बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में फिलहाल मौसम शुष्क रहने की संभावना है। इन राज्यों में तापमान धीरे-धीरे बढ़ सकता है और दिन में गर्मी का एहसास बढ़ेगा। बारिश की गतिविधियां सीमित रहने से यहां मौसम अपेक्षाकृत स्थिर रहेगा। हालांकि सुबह के समय हल्की ठंडक अभी कुछ दिनों तक बनी रह सकती है।

दक्षिण भारत में सक्रिय होगा निम्न दबाव क्षेत्र

दक्षिण भारत में एक गहरा निम्न दबाव क्षेत्र विकसित हो रहा है, जिसका असर 17 और 18 फरवरी से तमिलनाडु और केरल में दिखाई दे सकता है। कन्याकुमारी, मदुरई और रामनाथपुरम जैसे दक्षिणी जिलों में मध्यम से भारी वर्षा के संकेत मिल रहे हैं। इससे कुछ स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बन सकती है। केरल में भी तटीय और आंतरिक क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियां बढ़ेंगी। मछुआरों को समुद्र में जाते समय सतर्क रहने की सलाह दी गई है, क्योंकि समुद्र की लहरें ऊंची हो सकती हैं।

महाराष्ट्र और गुजरात में तापमान में बढ़ोतरी

महाराष्ट्र और गुजरात में हवाओं का रुख बदलने के कारण न्यूनतम तापमान में वृद्धि हो सकती है। इससे सर्दी लगभग समाप्ति की ओर बढ़ेगी और मौसम गर्म होने लगेगा। हालांकि बादलों की आंशिक उपस्थिति के कारण कुछ क्षेत्रों में तापमान संतुलित भी रह सकता है।

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किसानों और आमजन के लिए राहत

आगामी बारिश कई इलाकों में सूखेपन को कम कर सकती है और फसलों को आवश्यक नमी प्रदान करेगी। जहां हल्की बारिश फायदेमंद होगी, वहीं अत्यधिक वर्षा की संभावना कम बताई जा रही है, जिससे व्यापक नुकसान की आशंका नहीं है। मौसम में यह बदलाव अल्पकालिक हो सकता है, लेकिन इससे तापमान में अस्थायी गिरावट आएगी और वातावरण में ताजगी महसूस होगी। फरवरी के अंतिम सप्ताह में फिर से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी होने के संकेत हैं। कुल मिलाकर 17 फरवरी से देश के विभिन्न हिस्सों में मौसम का मिज़ाज बदलेगा। कहीं बादलों की गड़गड़ाहट, कहीं हल्की फुहारें और कहीं बर्फ की चादर—फरवरी का यह दौर विविधता से भरा रहेगा। नागरिकों को मौसम अपडेट पर नजर बनाए रखने और आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी जाती है।

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