Weather Alert Rajasthan 2026: राजस्थान के मौसम का मिज़ाज इस समय अचानक बदल गया है और भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने इसके लिए अलर्ट जारी किया है। विभाग के मुताबिक अगले 120 मिनट यानी दो घंटे के भीतर कई जिलों में अचानक भारी बारिश, गर्जना, बिजली चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि (hailstorm) की संभावना बनी हुई है। इस चेतावनी को देखते हुए राज्यवासियों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अलर्ट का प्रकार: ऑरेंज और येलो चेतावनी
ऑरेंज अलर्ट के तहत क्या है चेतावनी
मौसम विभाग ने कुछ जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस चेतावनी के अनुसार, इन इलाकों में मेघगर्जन (thunderstorm), तेज हवाएं और हल्की से मध्यम बारिश का खतरा अधिक है। हवाओं की रफ्तार 30 से 40 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है और कुछ हिस्सों में ओलों के गिरने की भी संभावना जताई गई है।
ऑरेंज अलर्ट वाले प्रमुख जिले हैं:
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कोटा संभाग के इलाके
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झालावाड़
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सवाई माधोपुर
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टोंक
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दौसा
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करौली
इन क्षेत्रों में मौसम अधिक उग्र रूप दिखा सकता है और बाहर निकलते समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
येलो अलर्ट के तहत क्या है स्थिति
ऑरेंज अलर्ट के अलावा मौसम विभाग ने कई जिलों में येलो अलर्ट भी जारी किया है। इसका मतलब है कि वहाँ हल्की बारिश, आकाशीय बिजली, गर्जना और तेज हवाओं का जोखिम देखा जा रहा है। इन क्षेत्रों में मौसम अपेक्षाकृत कम खतरनाक होने के बावजूद सतर्कता ज़रूरी है।
येलो अलर्ट वाले कुछ मुख्य जिले हैं:
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जयपुर एवं जयपुर शहर
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भरतपुर
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अजमेर
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भीलवाड़ा
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चूरू
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धौलपुर
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सीकर
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अलवर
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झुंझुनूं
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चित्तौड़गढ़
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नागौर
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बीकानेर
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बूंदी
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बारां
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श्रीगंगानगर
इन इलाकों में भी लोग बाहर निकलते समय मौसम के बदलते स्वरूप को ध्यान में रखें।
तेज हवाओं और ओलों का असर
मौसम विभाग ने चेतावनी में यह भी बताया है कि इन बदलावों के दौरान तेज़ हवाओं की रफ्तार 20 से 40 किमी/घंटा तक हो सकती है। इससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है। विशेषकर ओलावृष्टि का असर किसानों के लिए चिंता का विषय बन सकता है क्योंकि फसलों को नुकसान पहुँचने की संभावनाएँ बढ़ जाती हैं।
लोगों को क्या सावधानियाँ बरतनी चाहिए
मौसम विभाग ने नागरिकों से कुछ खास बातों पर ध्यान देने का आग्रह किया है:
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खुले मैदानों में न रुकें। गर्जना और आकाशीय बिजली के दौरान खुले स्थानों में खड़ा रहना खतरनाक हो सकता है।
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बड़े पेड़ों के नीचे न रहें। बारिश और तेज हवाओं में पेड़ों के नीचे रहना सुरक्षित नहीं माना जाता।
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विद्युत उपकरण बंद करें। बिजली चमकने की स्थिति में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करना जोखिम भरा हो सकता है।
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किसान सावधानी बरतें। ओलावृष्टि और तेज हवाओं के चलते फसलों को होता नुकसान रोकने के उपाय समय रहते करें।
ये सलाह मौसम विभाग की चेतावनी के अनुरूप दी गई हैं ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके और मौसम के त्वरित बदलाव से होने वाले नुकसान को कम किया जा सके।
पिछले दिनों भी मौसम में उथल-पुथल
राजस्थान में यह पहली बार नहीं है जब मौसम अचानक बदल रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में भी कई बार IMD ने अलर्ट जारी किया है, जिसमें बारिश, गरज-चमक, ओलावृष्टि और तेज हवाओं का पूर्वानुमान शामिल रहा है। इन चेतावनियों का असर कई जिलों में देखा गया है और तापमान में उतार-चढ़ाव भी महसूस किया गया है।
मौसम का भविष्य व संभावित प्रभाव
राजस्थान में फिलहाल पश्चिमी विक्षोभ (western disturbance) का प्रभाव जारी है, जो मौसम को अस्थिर बनाता है। इससे कई इलाकों में बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली की गतिविधियां सामान्य से अधिक देखने को मिल रही हैं। मौसम विभाग का मानना है कि आने वाले दिनों में भी इसे लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता होगी, क्योंकि ऐसे सिस्टम से मौसम में तेजी से बदलाव होने की संभावना बनी रहती है।
इसलिए नागरिकों और स्थानीय प्रशासन से आग्रह है कि वे मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लें और आवश्यक सावधानियाँ अपनाएं ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।










