Weather Alert 2026: देशभर में मौसम एक बार फिर करवट लेने जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही थी और ऐसा लगने लगा था कि सर्दी अब विदा लेने की तैयारी में है। हालांकि, ताजा पूर्वानुमानों ने तस्वीर बदल दी है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने संकेत दिया है कि एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से उत्तर और मध्य भारत के कई हिस्सों में मौसम अचानक बदल सकता है। 17 से 19 फरवरी के बीच कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक, तेज हवाएं और पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
यह मौसमी बदलाव न केवल तापमान में गिरावट लाएगा, बल्कि लोगों को फिर से ठंड का अहसास भी कराएगा। आइए जानते हैं किन राज्यों में कैसा रहेगा मौसम और किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है।
पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव और बदलता तापमान
पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसी मौसमी प्रणाली है जो भूमध्यसागर क्षेत्र से उठकर उत्तर भारत तक पहुंचती है और यहां बारिश व बर्फबारी का कारण बनती है। इस बार भी यही प्रणाली सक्रिय हो चुकी है, जिसके चलते उत्तर-पश्चिम और मध्य भारत के राज्यों में बादल छाने, बूंदाबांदी और कहीं-कहीं तेज बारिश के आसार हैं।
पिछले सप्ताह जहां दिन का तापमान सामान्य से ऊपर दर्ज किया जा रहा था, वहीं अब इसके गिरने की संभावना है। खासतौर पर 18 फरवरी के आसपास कई क्षेत्रों में मौसम का रुख अचानक बदल सकता है। इससे दिन की गर्मी में कमी आएगी और रातें फिर से ठंडी हो सकती हैं।
दिल्ली-एनसीआर में फिर लौटेगी ठंडक
राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में बीते दिनों धूप तेज रही और अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया। लेकिन मौसम विभाग के अनुसार 17 फरवरी से आसमान में बादलों की आवाजाही बढ़ेगी। 18 फरवरी को हल्की बारिश या फुहारें पड़ने की संभावना है।
इस बदलाव से दिन के तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी से राहत मिलेगी। सुबह और शाम के समय हल्की ठंड फिर महसूस हो सकती है। तेज हवाएं चलने की भी संभावना है, जिससे मौसम सुहावना लेकिन ठंडा हो सकता है।
उत्तर प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी हिस्सों में मौसम का प्रभाव ज्यादा दिखाई देने की संभावना है। 17 और 18 फरवरी को कई जिलों में बादल छाने के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
बारिश के कारण तापमान में गिरावट आएगी और ठंडी हवाएं चल सकती हैं। किसानों के लिए यह मौसम मिलाजुला असर ला सकता है—जहां एक ओर फसलों को नमी मिलेगी, वहीं तेज हवा और ओलावृष्टि की आशंका फसलों को नुकसान भी पहुंचा सकती है। इसलिए खेतों में खड़ी फसलों की सुरक्षा के उपाय करना जरूरी होगा।
पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में तेज हवाओं की चेतावनी
उत्तर-पश्चिम भारत के इन राज्यों में 17 और 18 फरवरी को मौसम का मिजाज बदला हुआ नजर आएगा। बादलों की घनी परत के साथ गरज-चमक और बारिश की संभावना है।
मौसम विभाग ने यहां तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की चेतावनी भी दी है। ऐसे में खुले मैदानों में काम करने वाले लोगों और किसानों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। तेज हवाओं के कारण तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
राजस्थान के उत्तरी जिलों में हल्की बारिश के आसार
राजस्थान के उत्तरी हिस्सों—विशेषकर श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर और चूरू—में 17 और 18 फरवरी को हल्की बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है। हालांकि यहां व्यापक बारिश की संभावना कम है, लेकिन मौसम में बदलाव साफ नजर आएगा।
दिन के समय तापमान में थोड़ी गिरावट और शाम के समय ठंडी हवा का असर महसूस किया जा सकता है। रेगिस्तानी इलाकों में तेज हवाएं धूलभरी आंधी का रूप भी ले सकती हैं, जिससे दृश्यता प्रभावित हो सकती है।
मध्य प्रदेश में 18 फरवरी के बाद बदलेगा मौसम
मध्य प्रदेश में मौसम का असर थोड़ा देर से दिखेगा। 18 फरवरी के बाद राज्य के कुछ हिस्सों—जैसे सिवनी, बालाघाट, छिंदवाड़ा, कटनी और नर्मदापुरम—में बादल छाने और गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी होने की संभावना है।
यहां तापमान में हल्की गिरावट आएगी, जिससे दिन और रात के तापमान में अंतर कम हो सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम के अपडेट पर नजर रखें और फसलों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाएं।
पहाड़ी राज्यों में भारी बर्फबारी की संभावना
जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के ऊंचाई वाले इलाकों में 17 से 19 फरवरी के बीच भारी बर्फबारी हो सकती है। वहीं निचले क्षेत्रों में बारिश की संभावना है।
शिमला, कुल्लू, चमोली, श्रीनगर और अनंतनाग जैसे क्षेत्रों में ठंड एक बार फिर बढ़ सकती है। बर्फबारी के कारण सड़कों पर फिसलन बढ़ेगी और यातायात प्रभावित हो सकता है। पर्यटकों के लिए यह मौसम आकर्षक जरूर होगा, लेकिन यात्रा से पहले स्थानीय प्रशासन की सलाह और मौसम की जानकारी लेना जरूरी होगा।
दक्षिण भारत के निकोबार द्वीप समूह में भी अलर्ट
उत्तर भारत के साथ-साथ दक्षिणी क्षेत्र के निकोबार द्वीप समूह में भी मौसम सक्रिय रहेगा। यहां 17 फरवरी तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
भारी बारिश और बिजली गिरने का खतरा बना हुआ है। मछुआरों को समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है। तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मौसम विभाग की सलाह और सावधानियां
गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं जानलेवा साबित हो सकती हैं। ऐसे में खुले मैदान, पेड़ों के नीचे या ऊंचे स्थानों पर खड़े होने से बचें। बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर शरण लेना जरूरी है।
तेज हवाओं के दौरान ढीली वस्तुओं को सुरक्षित स्थान पर रखें और यात्रा के दौरान सावधानी बरतें। पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के समय वाहन चलाते वक्त विशेष सतर्कता जरूरी है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर, आने वाले दिनों में देश के कई हिस्सों में मौसम का रुख बदला हुआ नजर आएगा। जहां मैदानी इलाकों में बारिश और ठंडी हवाएं गर्मी पर ब्रेक लगाएंगी, वहीं पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी सर्दी का अहसास फिर से ताजा कर देगी।
यह बदलाव अस्थायी हो सकता है, लेकिन इसका असर व्यापक रहेगा। इसलिए मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर रखना और सुरक्षा उपायों का पालन करना हर किसी के लिए जरूरी है।










