Senior Citizen Train Concession Indian Railway: भारतीय रेलवे देश की जीवनरेखा मानी जाती है। रोज़ाना लाखों लोग रेल यात्रा के माध्यम से एक शहर से दूसरे शहर तक सफर करते हैं। इन यात्रियों में बड़ी संख्या वरिष्ठ नागरिकों की भी होती है, जिनके लिए आरामदायक और सुरक्षित यात्रा बेहद जरूरी है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय रेलवे ने बुजुर्ग यात्रियों के लिए दो महत्वपूर्ण सुविधाओं को दोबारा प्रभावी रूप से लागू करने का निर्णय लिया है। यह कदम उन यात्रियों के लिए राहत भरा है जो उम्र के कारण यात्रा के दौरान अतिरिक्त सहयोग और सुविधा की अपेक्षा रखते हैं। रेलवे का यह फैसला 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के यात्रियों के लिए विशेष रूप से लाभकारी साबित होगा। लंबे समय से वरिष्ठ नागरिकों द्वारा मांग की जा रही सुविधाओं को दोबारा सक्रिय किए जाने से उनके सफर में अब पहले से ज्यादा सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
प्राथमिकता सहायता सुविधा फिर से सक्रिय
वरिष्ठ नागरिकों को यात्रा के दौरान सबसे बड़ी समस्या स्टेशन पर आने-जाने और ट्रेन में चढ़ने-उतरने के समय होती है। भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म तक पहुंचना या ट्रेन के निर्धारित डिब्बे तक जाना उनके लिए कठिन हो सकता है। इसी परेशानी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने प्राथमिकता सहायता सुविधा को फिर से सक्रिय कर दिया है। इस सुविधा के अंतर्गत जरूरतमंद बुजुर्ग यात्रियों को व्हीलचेयर उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही स्टेशन परिसर से लेकर प्लेटफॉर्म और ट्रेन के कोच तक पहुंचाने के लिए एस्कॉर्ट सेवा भी उपलब्ध रहेगी। कुछ प्रमुख और व्यस्त स्टेशनों पर वरिष्ठ नागरिकों के लिए अलग काउंटर की व्यवस्था भी की जा रही है, जिससे उन्हें लंबी कतारों में खड़ा न होना पड़े। इसके अलावा ट्रेन में चढ़ते समय जल्दी बोर्डिंग में सहायता भी दी जाएगी, ताकि बुजुर्ग यात्रियों को भीड़ के बीच धक्का-मुक्की का सामना न करना पड़े। विशेष रूप से 75 वर्ष से अधिक आयु के यात्रियों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए यह सुविधा काफी उपयोगी मानी जा रही है। इससे उनकी यात्रा अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक बनेगी।
लोअर बर्थ कोटा को किया गया और प्रभावी
रेल यात्रा के दौरान सबसे अधिक मांग निचली बर्थ की रहती है, खासकर वरिष्ठ नागरिकों के बीच। ऊपरी या मिडिल बर्थ पर चढ़ना उनके लिए जोखिम भरा और असुविधाजनक हो सकता है। रेलवे पहले से ही वरिष्ठ नागरिकों के लिए लोअर बर्थ कोटा उपलब्ध कराता रहा है, लेकिन अब इसे और सख्ती से लागू करने के निर्देश जारी किए गए हैं। नए निर्देशों के अनुसार 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के पुरुष और 58 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिला यात्रियों को बुकिंग के समय लोअर बर्थ प्राथमिकता दी जाएगी। टिकट बुक करते समय “Lower Berth Preference” विकल्प चुनने का अवसर मिलता है, जिसे चुनने पर सिस्टम उपलब्धता के आधार पर निचली बर्थ आवंटित करने की कोशिश करता है। रेलवे अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि वरिष्ठ नागरिकों को यथासंभव निचली बर्थ ही प्रदान की जाए। इससे विशेषकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले बुजुर्गों को आराम मिलेगा और उनके लिए सफर अधिक सहज होगा।
किराया रियायत पर अभी कोई आधिकारिक घोषणा नहीं
कोविड काल के बाद से वरिष्ठ नागरिकों को मिलने वाली किराया छूट बंद कर दी गई थी। तब से कई बार यह सवाल उठता रहा है कि क्या 50 प्रतिशत तक की पूर्व रियायत दोबारा लागू की जाएगी। फिलहाल इस विषय पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। हालांकि रेलवे प्रशासन की ओर से यह संकेत मिले हैं कि वरिष्ठ नागरिकों को अन्य प्रकार की सहूलियतें देने पर विचार किया जा रहा है। अभी के लिए प्राथमिकता सहायता और लोअर बर्थ कोटा को सुदृढ़ करना ही प्रमुख कदम माना जा रहा है। किराया छूट के विषय में अंतिम निर्णय आने तक यात्रियों को आधिकारिक सूचना का इंतजार करना होगा।
वरिष्ठ नागरिकों को क्या सावधानियां बरतनी चाहिए
इन सुविधाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए वरिष्ठ नागरिकों को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना चाहिए। सबसे पहले टिकट बुकिंग के समय अपनी सही आयु दर्ज करना बेहद जरूरी है। गलत जानकारी देने पर सुविधा मिलने में समस्या हो सकती है।
बुकिंग प्रक्रिया के दौरान लोअर बर्थ विकल्प को अवश्य चुनें, ताकि सिस्टम आपकी प्राथमिकता को पहचान सके। यदि स्टेशन पर किसी प्रकार की सहायता की आवश्यकता हो तो हेल्प डेस्क या संबंधित कर्मचारी से संपर्क करें।
यात्रा के दौरान अपना वैध पहचान पत्र साथ रखना भी जरूरी है, जिससे आयु का प्रमाण प्रस्तुत किया जा सके। इससे किसी भी प्रकार की जांच के दौरान असुविधा नहीं होगी।
यात्रा होगी अधिक सुरक्षित और सम्मानजनक
रेलवे द्वारा वरिष्ठ नागरिकों के लिए इन दो सुविधाओं की पुनः सक्रियता एक सकारात्मक कदम है। इससे बुजुर्ग यात्रियों को न केवल शारीरिक सुविधा मिलेगी बल्कि मानसिक रूप से भी सुरक्षा और सम्मान का एहसास होगा। बढ़ती उम्र में यात्रा करना कई बार चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन उचित व्यवस्था होने पर वही सफर सुखद अनुभव में बदल सकता है।
प्राथमिकता सहायता सुविधा और लोअर बर्थ कोटा का प्रभावी क्रियान्वयन लाखों वरिष्ठ नागरिकों के लिए राहत की खबर है। भले ही किराया छूट को लेकर अभी स्पष्टता न हो, लेकिन वर्तमान व्यवस्थाएं उनके लिए यात्रा को पहले से बेहतर और आरामदायक बनाएंगी।
भारतीय रेलवे का यह कदम यह दर्शाता है कि यात्रियों की जरूरतों को समझते हुए समय-समय पर सुधार किए जा रहे हैं। आने वाले समय में यदि और भी सुविधाएं जोड़ी जाती हैं तो वरिष्ठ नागरिकों के लिए रेल यात्रा और अधिक सरल और सुरक्षित हो सकेगी।












