School Holiday Update 2026: फरवरी का महीना सर्दियों की विदाई का संकेत देता है, लेकिन कई राज्यों में ठंड और घना कोहरा अब भी सुबह की दिनचर्या को प्रभावित करता है। ऐसे में विद्यार्थियों और अभिभावकों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। वर्ष 2026 के फरवरी महीने में स्कूलों को कुल 5 दिनों के लिए बंद रखने का निर्णय लिया गया है। यह फैसला बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए लिया गया है, ताकि वे ठंड के प्रभाव से बच सकें और सुरक्षित वातावरण में समय बिता सकें। राज्य सरकारों ने मौसम विभाग की सलाह के आधार पर यह निर्णय लागू किया है। विशेष रूप से उत्तर भारत के राज्यों में सुबह के समय घना कोहरा और कम तापमान बच्चों के लिए जोखिम पैदा कर सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए स्कूलों में अस्थायी अवकाश घोषित किया गया है। इससे न केवल बच्चों को राहत मिलेगी, बल्कि अभिभावकों की चिंताएं भी कम होंगी।
किन राज्यों में लागू होंगी छुट्टियां?
दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में यह अवकाश लागू किया जाएगा। इन क्षेत्रों में सर्दी और कोहरे की समस्या अधिक देखने को मिलती है। स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से यह कदम उठाया है, ताकि स्कूल आने-जाने के दौरान बच्चों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। दक्षिण भारत के राज्यों में मौसम सामान्य रहने की संभावना है, इसलिए वहां छुट्टियों की संख्या कम हो सकती है। हालांकि राष्ट्रीय पर्व और विशेष अवसरों की छुट्टियां पूरे देश में समान रूप से लागू रहेंगी।
किन स्कूलों पर पड़ेगा असर?
सरकारी और निजी, दोनों प्रकार के विद्यालय इस निर्णय के अंतर्गत आएंगे। कक्षा 1 से लेकर कक्षा 12 तक के सभी विद्यार्थियों को इसका लाभ मिलेगा। प्राथमिक, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक स्तर के स्कूल निर्धारित तिथियों पर बंद रहेंगे। हालांकि जिन स्कूलों में बोर्ड परीक्षाएं या विशेष परीक्षाएं निर्धारित हैं, वहां अलग व्यवस्था की जा सकती है। ऐसे मामलों में संबंधित जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा निर्देश जारी किए जाएंगे। कुल मिलाकर अधिकतर शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश रहेगा।
फरवरी 2026 की संभावित छुट्टियों की तिथियां
फरवरी महीने में घोषित पांच छुट्टियों में कुछ धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व के दिन शामिल हैं। 4 फरवरी को बसंत पंचमी के अवसर पर अवकाश रहेगा, जो ज्ञान और विद्या की देवी सरस्वती की आराधना का पर्व है। 10 फरवरी को एक निर्धारित सरकारी अवकाश रहेगा। 14 फरवरी को गुरु रविदास जयंती के उपलक्ष्य में विद्यालय बंद रहेंगे। 17 फरवरी को महर्षि दयानंद सरस्वती जयंती के अवसर पर छुट्टी होगी। वहीं 20 फरवरी को शहीद दिवस के कारण अवकाश घोषित किया गया है। इन तिथियों का उद्देश्य केवल त्योहार मनाना ही नहीं, बल्कि मौसम की परिस्थितियों को देखते हुए बच्चों को सुरक्षित रखना भी है।
विशेष अवकाश योजना का उद्देश्य
यह निर्णय केवल पारंपरिक अवकाश तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक विशेष मौसम आधारित योजना के रूप में तैयार किया गया है। शिक्षा विभाग ने पहले ही सर्दियों में न्यूनतम पांच दिनों के अतिरिक्त अवकाश का प्रस्ताव रखा था। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों को ठंड से बचाना और बीमारियों की संभावना को कम करना है। कोहरे और कम दृश्यता के कारण सुबह के समय दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। छोटे बच्चों के लिए यह विशेष रूप से जोखिमपूर्ण हो सकता है। ऐसे में यह अवकाश एक सावधानीपूर्ण कदम माना जा रहा है।
छुट्टियों के दौरान पढ़ाई की व्यवस्था
हालांकि स्कूल बंद रहेंगे, लेकिन पढ़ाई पूरी तरह नहीं रुकेगी। कई विद्यालयों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऑनलाइन कक्षाओं या असाइनमेंट के माध्यम से शिक्षण कार्य जारी रखें। शिक्षकों को विद्यार्थियों के लिए वर्कशीट और अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे बच्चों की पढ़ाई का क्रम बाधित नहीं होगा और वे घर पर रहकर भी अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे। परीक्षा कार्यक्रम में फिलहाल किसी बदलाव की सूचना नहीं है, इसलिए विद्यार्थियों को अपने सिलेबस की तैयारी जारी रखनी चाहिए।
मिड-डे मील और अन्य सुविधाएं
सरकार ने यह भी सुनिश्चित किया है कि अवकाश के दौरान पोषण योजना प्रभावित न हो। जरूरतमंद विद्यार्थियों को मिड-डे मील के स्थान पर सूखा राशन या खाद्य पैकेट उपलब्ध कराए जा सकते हैं। इसका उद्देश्य यह है कि बच्चों के पोषण स्तर में कोई कमी न आए। अभिभावकों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए जाने की भी संभावना है, ताकि वे किसी भी शंका या समस्या के समाधान के लिए संपर्क कर सकें।
अभिभावकों के लिए सुझाव
इन छुट्टियों का उपयोग बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए किया जा सकता है। अभिभावकों को चाहिए कि वे बच्चों की दिनचर्या को संतुलित रखें। नियमित अध्ययन का समय निर्धारित करें, ताकि पढ़ाई का क्रम बना रहे। साथ ही बच्चों को खेलकूद और रचनात्मक गतिविधियों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करें। स्क्रीन टाइम को सीमित रखना भी आवश्यक है। ठंड के मौसम में पौष्टिक भोजन और पर्याप्त आराम बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाए रखेगा। परिवार के साथ समय बिताना बच्चों के मानसिक विकास के लिए भी लाभदायक सिद्ध होता है।
स्कूलों में प्रशासनिक तैयारी
राज्य सरकारें और शिक्षा विभाग समय-समय पर आधिकारिक अधिसूचना जारी करेंगे। विद्यालय प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि वे नोटिस बोर्ड और डिजिटल माध्यमों के जरिए अभिभावकों को जानकारी उपलब्ध कराएं। छुट्टियों के बाद स्कूल खुलने पर विशेष सभा आयोजित की जा सकती है, ताकि विद्यार्थियों को आगामी कार्यक्रमों की जानकारी दी जा सके। इन अवकाश दिनों के दौरान किसी प्रकार की अतिरिक्त फीस नहीं ली जाएगी। यदि आवश्यक हुआ तो फीस जमा करने की अंतिम तिथि आगे बढ़ाई जा सकती है।
बच्चों के लिए लाभ
यह अवकाश बच्चों को शारीरिक और मानसिक रूप से तरोताजा होने का अवसर देगा। ठंड से बचाव होगा और बीमारियों की आशंका कम होगी। त्योहारों में भाग लेने और परिवार के साथ समय बिताने का अवसर मिलेगा। पढ़ाई के साथ-साथ रचनात्मक गतिविधियों पर ध्यान देने का समय भी मिलेगा। कुल मिलाकर फरवरी 2026 की ये पांच छुट्टियां विद्यार्थियों के लिए राहत का संदेश लेकर आई हैं। अभिभावकों को सतर्क रहते हुए बच्चों की पढ़ाई और स्वास्थ्य दोनों पर समान ध्यान देना चाहिए। इस संतुलन से ही छुट्टियां सार्थक बनेंगी और आने वाले महीनों की पढ़ाई सुचारु रूप से आगे बढ़ेगी।










