School Holiday Update 2026: फरवरी के महीने में तेज सर्दी, शीतलहर और घने कोहरे की वजह से कई राज्यों में स्कूली बच्चों को बड़ी राहत मिलने वाली है। लगातार गिरते तापमान और मौसम की खराब स्थिति को देखते हुए प्रशासन और शिक्षा विभाग ने कई जिलों में स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाने का निर्णय लिया है। यह फैसला विशेष रूप से छोटे बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है। ताजा निर्देशों के अनुसार कुछ क्षेत्रों में 14 फरवरी से लेकर 18 फरवरी तक स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया है, जिससे विद्यार्थियों और अभिभावकों दोनों को राहत मिली है।
बढ़ती ठंड और कोहरे ने बढ़ाई चिंता
उत्तर भारत सहित कई हिस्सों में ठंड का असर सामान्य से अधिक देखने को मिल रहा है। सुबह के समय घना कोहरा छाया रहता है, जिससे दृश्यता काफी कम हो जाती है। इसके कारण सड़क यातायात भी प्रभावित हो रहा है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। ठंडी हवाएं और शीतलहर के चलते बच्चों का सुबह जल्दी घर से निकलना स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा माना जा रहा है। मौसम विभाग ने भी आने वाले दिनों में ठंड से तुरंत राहत मिलने की संभावना कम बताई है। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूलों के संचालन पर अस्थायी रोक लगाने का कदम उठाया है।
छुट्टियां बढ़ाने के पीछे मुख्य कारण
छुट्टियां बढ़ाने का निर्णय अचानक नहीं लिया गया, बल्कि कई पहलुओं पर विचार करने के बाद यह कदम उठाया गया है। लगातार मिल रही अभिभावकों की शिकायतें, बच्चों के बीमार पड़ने के मामले, और मौसम विभाग की चेतावनियों ने इस निर्णय को मजबूती दी। कई स्थानों पर सुबह का तापमान सामान्य से काफी नीचे दर्ज किया गया है। छोटे बच्चों के लिए ऐसी ठंड में रोजाना स्कूल जाना कठिन और असुरक्षित हो सकता है। इसलिए शिक्षा विभाग ने एहतियात के तौर पर छुट्टियों को आगे बढ़ाने की अनुमति दी है।
छोटे विद्यार्थियों पर ठंड का ज्यादा प्रभाव
नर्सरी से लेकर आठवीं कक्षा तक के बच्चों को ठंड का असर अधिक झेलना पड़ता है। इस उम्र में बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पूरी तरह विकसित नहीं होती, जिसके कारण वे जल्दी सर्दी, खांसी, बुखार और वायरल संक्रमण की चपेट में आ सकते हैं। सुबह के समय ठंडी हवा और कोहरे के संपर्क में आने से स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ सकती हैं। डॉक्टरों ने भी सलाह दी है कि अत्यधिक ठंड के दौरान छोटे बच्चों को अनावश्यक रूप से बाहर भेजने से बचना चाहिए। यही वजह है कि प्राथमिक और मिडिल कक्षाओं के लिए छुट्टियों पर विशेष ध्यान दिया गया है।
सरकारी और निजी स्कूलों के लिए अलग निर्देश
छुट्टियों को लेकर सरकारी और निजी स्कूलों के लिए कुछ जगहों पर अलग-अलग दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। कई सरकारी स्कूलों में पूरी तरह से अवकाश घोषित किया गया है, जबकि कुछ निजी स्कूलों ने पढ़ाई जारी रखने के लिए ऑनलाइन माध्यम अपनाया है। डिजिटल प्लेटफॉर्म जैसे वीडियो क्लास, मोबाइल ऐप और मैसेजिंग ग्रुप के जरिए बच्चों को पढ़ाई से जोड़े रखने की कोशिश की जा रही है। हालांकि छोटे बच्चों के लिए ऑनलाइन कक्षाओं की अवधि सीमित रखी जा रही है ताकि उनकी आंखों और मानसिक स्वास्थ्य पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।
ऑनलाइन पढ़ाई का सीमित उपयोग
जहां ऑफलाइन कक्षाएं स्थगित की गई हैं, वहां पढ़ाई पूरी तरह न रुके इसके लिए ऑनलाइन विकल्प अपनाया जा रहा है। शिक्षकों द्वारा होमवर्क, नोट्स और छोटे वीडियो लेक्चर साझा किए जा रहे हैं। कुछ स्कूल लाइव क्लास भी आयोजित कर रहे हैं, लेकिन समय कम रखा जा रहा है। शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि छुट्टियों के दौरान हल्की शैक्षणिक गतिविधियां जारी रहनी चाहिए ताकि बच्चों की पढ़ाई की लय बनी रहे, लेकिन उन पर ज्यादा बोझ नहीं डालना चाहिए।
आगे छुट्टियां बढ़ने की भी संभावना
मौसम के ताजा अनुमान बताते हैं कि ठंड का असर अभी कुछ दिन और बना रह सकता है। कुछ इलाकों में हल्की बारिश या बूंदाबांदी की भी संभावना जताई गई है, जिससे तापमान और गिर सकता है। यदि मौसम की स्थिति में सुधार नहीं होता, तो छुट्टियों की अवधि आगे भी बढ़ाई जा सकती है। इस संबंध में अंतिम निर्णय स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक के बाद लिया जाएगा। इसलिए छात्रों और अभिभावकों को नियमित रूप से आधिकारिक अपडेट देखते रहना चाहिए।
कॉलेज और उच्च कक्षाओं के लिए क्या व्यवस्था है
जहां प्राथमिक कक्षाओं के लिए छुट्टियां घोषित की गई हैं, वहीं उच्च कक्षाओं और कॉलेजों के लिए कई जगह अलग व्यवस्था अपनाई गई है। कुछ संस्थानों ने कक्षाओं का समय बदल दिया है ताकि सुबह की कड़ाके की ठंड से बचा जा सके। कई कॉलेजों में देर से कक्षाएं शुरू की जा रही हैं। जिन संस्थानों में परीक्षाएं या प्रैक्टिकल निर्धारित हैं, वहां सीमित उपस्थिति के साथ कक्षाएं जारी रखी जा सकती हैं। इसलिए कॉलेज छात्रों को अपने संस्थान की आधिकारिक सूचना अवश्य जांचनी चाहिए।
अभिभावकों के लिए जरूरी सावधानियां
छुट्टियों के दौरान बच्चों की दिनचर्या और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देना जरूरी है। उन्हें पर्याप्त गर्म कपड़े पहनाएं और बहुत ठंड के समय बाहर खेलने से रोकें। खानपान में पौष्टिक और गर्म चीजें शामिल करें। यदि ऑनलाइन पढ़ाई चल रही है तो स्क्रीन टाइम को सीमित रखें। बच्चों को बीच-बीच में ब्रेक दिलाएं और हल्का रिवीजन करवाते रहें। पर्याप्त नींद और शारीरिक गतिविधि भी जरूरी है ताकि उनका संपूर्ण विकास बना रहे।
सही और आधिकारिक जानकारी कहां से प्राप्त करें
स्कूल बंद या छुट्टियों से जुड़ी जानकारी के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर भरोसा करें। संबंधित स्कूल, जिला शिक्षा कार्यालय या राज्य शिक्षा विभाग की वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर जारी आदेश ही मान्य होते हैं। कई बार सोशल मीडिया पर गलत या अधूरी जानकारी तेजी से फैल जाती है, जिससे भ्रम पैदा होता है। इसलिए किसी भी सूचना को मानने से पहले उसकी पुष्टि जरूर करें।
निष्कर्ष
तेज ठंड और खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए स्कूलों की छुट्टियां बढ़ाना एक सावधानीपूर्ण कदम है। इसका मुख्य उद्देश्य बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य की रक्षा करना है। अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन और प्रशासन के बीच तालमेल से ही ऐसे फैसले प्रभावी साबित होते हैं। मौसम सामान्य होने तक सतर्कता और सावधानी ही सबसे बेहतर उपाय है।
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। स्कूल अवकाश से संबंधित अंतिम निर्णय राज्य, जिला और संस्थान के अनुसार अलग हो सकता है। सटीक जानकारी के लिए संबंधित स्कूल या शिक्षा विभाग द्वारा जारी आधिकारिक आदेश अवश्य देखें।










