Holi School Holiday 2026: उत्तर प्रदेश में Holi School Holiday 2026 को लेकर इस बार अभिभावकों, छात्रों और शिक्षकों के बीच काफी भ्रम बना हुआ है। दो मार्च को होलिका दहन और चार मार्च को रंगों वाली होली के लिए अवकाश तय है, लेकिन तीन मार्च को स्कूल खुलेंगे या बंद रहेंगे, इस पर अभी स्पष्टता नहीं है।
लगातार छुट्टियों के बीच केवल एक दिन स्कूल खोलने की संभावना ने चर्चा को और बढ़ा दिया है। शिक्षक संगठन भी इस दिन अवकाश घोषित करने की मांग कर रहे हैं।
तीन मार्च को स्कूल खुलेंगे या नहीं?
बेसिक शिक्षा परिषद के 2026 वार्षिक कैलेंडर के अनुसार तीन मार्च (मंगलवार) को स्कूल खुले रहने का उल्लेख है। वहीं, दो मार्च (सोमवार) को होलिका दहन और चार मार्च (बुधवार) को होली के कारण अवकाश निर्धारित है।
एक मार्च को रविवार होने से पहले ही सार्वजनिक छुट्टी है। इस तरह 1, 2 और 4 मार्च को अवकाश की स्थिति बनती है।
तीन मार्च एकमात्र कार्यदिवस के रूप में सामने आता है। यही कारण है कि इस तारीख को लेकर सबसे अधिक असमंजस दिखाई दे रहा है।
यदि इस दिन भी छुट्टी घोषित होती है, तो छात्रों को होली पर लगातार चार दिन का अवकाश मिल सकता है।
लगातार छुट्टियों के बीच ‘एक दिन’ की दुविधा
लगातार अवकाश के बीच केवल एक दिन विद्यालय खोलने का निर्णय व्यावहारिक रूप से चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है।
कई छात्र त्योहार के चलते अपने परिवार के साथ यात्रा पर रहते हैं। ऐसे में एक दिन के लिए स्कूल आना संभव नहीं होता।
शिक्षकों की उपस्थिति पर भी असर पड़ सकता है। कई शिक्षक फरवरी के अंत में गृह जनपद चले जाते हैं।
इस स्थिति में तीन मार्च को पढ़ाई प्रभावी ढंग से हो पाएगी या नहीं, यह एक बड़ा सवाल है।
शिक्षक संगठनों की आपत्ति
एक दिन के लिए वापसी मुश्किल
शिक्षक संगठनों ने तीन मार्च को स्कूल खुलने के प्रस्ताव पर असहमति जताई है।
उत्तर प्रदेश BTC शिक्षक संघ सहित कई संगठनों ने बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र लिखकर इस दिन अवकाश घोषित करने की मांग की है।
संघ का कहना है कि फरवरी के अंत में शैक्षणिक कार्यों के बाद कई शिक्षक अपने घर चले जाते हैं। केवल एक दिन के लिए वापसी करना कठिन होता है।
होली का उत्सव कई स्थानों पर जारी
कई जिलों में होली का उत्सव एक दिन तक सीमित नहीं रहता। रंग और सांस्कृतिक कार्यक्रम तीन मार्च तक जारी रह सकते हैं।
ऐसी स्थिति में स्कूलों में उपस्थिति कम रहने की संभावना है।
शिक्षकों का तर्क है कि कम उपस्थिति में पढ़ाई औपचारिक बनकर रह जाती है।
शिक्षण कार्य पर प्रभाव
यदि अधिकांश छात्र अनुपस्थित रहें, तो उस दिन की कक्षाएं प्रभावी नहीं मानी जातीं।
इसी आधार पर शिक्षक संगठन अवकाश की मांग को उचित ठहरा रहे हैं।
अभिभावकों की चिंता
अभिभावक भी इस मुद्दे पर स्पष्ट आदेश की प्रतीक्षा कर रहे हैं।
त्योहारों के दौरान कई परिवार अपने रिश्तेदारों के यहां जाते हैं। यदि तीन मार्च को स्कूल खुलते हैं, तो बच्चों को वापस लाना मुश्किल हो सकता है।
कई अभिभावकों का मानना है कि या तो लगातार छुट्टियां हों, या फिर स्पष्ट शैक्षणिक व्यवस्था बनाई जाए।
Holi School Holiday 2026: विभागीय आदेश का इंतजार
इस समय सभी की नजर बेसिक शिक्षा विभाग के अंतिम निर्णय पर टिकी हुई है।
संभव है कि विभाग स्थिति को देखते हुए तीन मार्च को भी अवकाश घोषित करे।
कुछ मामलों में जिला स्तर पर स्थानीय प्रशासन छुट्टी का निर्णय ले सकता है।
आधिकारिक आदेश आने तक स्कूलों की स्थिति को लेकर अनुमान ही लगाए जा रहे हैं।
होलिका दहन की तिथि को लेकर भ्रम
इस वर्ष होलिका दहन की तिथि और मुहूर्त को लेकर भी लोगों में भ्रम देखा जा रहा है।
चंद्र ग्रहण और भद्रा काल के कारण कई लोग सही समय जानने के लिए पंचांग का सहारा ले रहे हैं।
भद्रा काल का महत्व
ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार भद्रा काल में होलिका दहन करना शुभ नहीं माना जाता।
भद्रा रहित समय और प्रदोष काल को दहन के लिए उपयुक्त माना जाता है।
यदि भद्रा आधी रात से पहले समाप्त हो जाए, तो उसके बाद दहन किया जा सकता है।
भद्रा मुख में होलिका दहन करने से बचने की सलाह दी जाती है।
पंचांग और अंग्रेजी कैलेंडर का अंतर
काशी पंचांग के अनुसार पूर्णिमा तिथि दो मार्च की शाम से शुरू होकर तीन मार्च की शाम तक रह सकती है।
भद्रा काल दो मार्च शाम से तीन मार्च सुबह तक रहने की संभावना बताई जा रही है।
ऐसी स्थिति में होलिका दहन भद्रा समाप्त होने के बाद किया जा सकता है।
अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार यह समय तीन मार्च में आ सकता है, जिससे आम लोगों में भ्रम बढ़ जाता है।
यही कारण है कि छुट्टियों को लेकर भी स्पष्टता की कमी दिखाई दे रही है।
मार्च 2026 के प्रमुख अवकाश
बेसिक शिक्षा परिषद कैलेंडर 2026 के अनुसार मार्च माह में पांच प्रमुख अवकाश निर्धारित हैं।
निर्धारित छुट्टियां
- 2 मार्च – होलिका दहन
- 4 मार्च – होली
- 21 मार्च – ईद-उल-फितर
- 26 मार्च – राम नवमी
- 31 मार्च – महावीर जयंती
तीन मार्च को कैलेंडर में अवकाश शामिल नहीं है।
हालांकि, शिक्षक संगठनों की मांग के बाद इसमें बदलाव की संभावना पर चर्चा जारी है।
छात्रों के लिए जरूरी सलाह
छात्रों और अभिभावकों को केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करना चाहिए।
विद्यालय, जिला प्रशासन या शिक्षा विभाग की वेबसाइट से जानकारी लेना बेहतर है।
सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट खबरों से सावधान रहना चाहिए।
यदि स्कूल खुलते हैं, तो नियमित उपस्थिति बनाए रखना जरूरी है।
यदि अवकाश घोषित होता है, तो पढ़ाई की निरंतरता बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए।
निष्कर्ष
Holi School Holiday 2026 को लेकर उत्तर प्रदेश में सबसे बड़ा प्रश्न तीन मार्च को लेकर बना हुआ है। दो और चार मार्च के अवकाश तय हैं, लेकिन बीच के एक दिन पर असमंजस जारी है।
शिक्षक संगठन इस दिन भी छुट्टी की मांग कर रहे हैं, जबकि कैलेंडर में इसे कार्यदिवस दिखाया गया है।
अंतिम निर्णय शिक्षा विभाग के आधिकारिक आदेश पर निर्भर करेगा। तब तक छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के लिए धैर्य और सतर्कता ही सबसे सही विकल्प है।














